ए मेरी मोहब्बत
ए मेरी मोहब्बत
तेरी यादों के साहारे बदल जायेगी जिंदगी,
कुछ न हो तो तेरी बेवफाई के बदले बदल जायेगी जिंदगी।
आंखो में बस तेरी ही तस्वीर, तू न हो तो किसी मंजिल,
ये कैसी कश्मकश है, ये कैसी प्यास,जिस्म के रोम रोम में तेरा ही आसरा,
इन तूफान में उड़ जाता है सारे कसमें वादे,तन्हाई में डूबा ए सारा जहां।
मेरे इस कहानी की हर एक किरदार में बस तू ही तू हमेशा लौटकर आती हैं,आखिर क्यूं?.
चाहती क्या है ?
अंदरूनी चोट जितना गहरा होते जा रहा है
तेरी किताब में लिखा हर एक अल्फाज सच होते दिख रहा है।

