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Uddipta Chaudhury

Abstract Romance

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Uddipta Chaudhury

Abstract Romance

एक चाहत अधूरी सी

एक चाहत अधूरी सी

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खामोश है धड़कन, दिल हे बेजुबान,

अल्फाज भी साथ ना दे इतनी सी है तुझ से प्यार,

तेरी हर अच्छे बुरे दिनों का खयाल रखना अब बन चुकी है आदत मेरे,

तुझ से जुड़ी हर एहसास को दबाकर रक्खे हैं हम ने,


तेरी उदासी बर्दास्त नही होती हम से,

तेरे हर छोटे छोटे इच्छाओं से संबंध हो चुका मेरे दिल का,

नजरे कुछ केहेता है,उसे पर ले जरा,

हर उतार चढ़ाव में साथ साथ रहेंगे ए वादा है मेरा,


बस तू कभी रोना नहीं, तेरे आंखों में आंसू अच्छी नहीं लगती,

जब तू गुस्सा होती है तो बस देखता रेहेता हु तुझे,

क्यूँकि तुझ से यादा और कोई खूबसूरत आज तक मेरे नजरो को जचा ही नहीं।।


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