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Dr.R.N.SHEELA KUMAR

Drama

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Dr.R.N.SHEELA KUMAR

Drama

दयाऔर सुक्ति

दयाऔर सुक्ति

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श्री रामजी की दया से

पुरजनों की प्रशंसा से


मुंह से लालाजल आने की जैसे

प्रवाहमय से नीति ोलूँगा सुमती


तू ही माँ तू ही बाप

तू ही मेरी छाया और सखा


तूही मेरा गुरू और तू ही मेरे दैव

तू ही मेरे पति तू ही मेरा जीवन कृष्णा।


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