Become a PUBLISHED AUTHOR at just 1999/- INR!! Limited Period Offer
Become a PUBLISHED AUTHOR at just 1999/- INR!! Limited Period Offer

Anjali Singh

Romance

4.0  

Anjali Singh

Romance

दुआ

दुआ

1 min
170


मांगू रब से यही दुआ मैं

मुझ में रहे तू तुझ में रहूँ मैं 

और दूजा कोई ठिकाना ना हो 


तेरे दिल की गली चले मेरे कदम 

और तू रास्ते में मेरे आता जाता रहे 

तुझ में मैं रहूँ मुझ में तू रहे 

मांगू रब से यही दुआ मैं


हीर रांझे की ना अपनी नयी कहानी हो 

मिल के बिछड़े ना बिछड़ कर मिलने की 

अपनी सुनहरी कहानी हो 


मांगू रब से यही दुआ मैं

मुझ में तू तुझ में मैं रहूँ सदा 


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Romance