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pinal padhiyar

Drama

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pinal padhiyar

Drama

दोस्ती

दोस्ती

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ना दिन ना महीने ना सालों का नाता है,

यह तो वह रिश्ता है जो हर पल साथ होता है,

जिंदगी की दौड़ में थक गए तो,

दोस्तों की महफिल में सुकून होता है।


हर मुसीबत में कभी तन्हा ना छोड़कर,

हमारी ढाल कवच होता है,

ना मिलने के बहाने होते ना,

सच छुपाने के बहाने होते हैं।


बस यहाँ तो दिल खोलकर बाते होती हैं,

हर रोज ना मिले ना,

हर रोज ना बात होती पर जब,

मिले तो वह दिन एक त्योहार होता है।


एक दूसरे के मज़ाक,

एक दूसरे की कान खिचाई होती है,

पर कोई दूसरा कहे तो,

उसकी पिटाई होती है।


लोग पैसे मोहब्बत नाम सम्मान में,

मर जाते, पर हम तो दोस्तों की,

दोस्ती के लिए मर मिटे हैं।


यारो ये जिंदगी भी,

कम लग लगती है,

जब आप जैसा दोस्त,

हमारे पास होता है।


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