दिल ये हमारा
दिल ये हमारा
दिल हमारा मोहब्बत से हो गया खाली,
गमों ने ऐसा घेरा मन भी हो गया खाली,
अब यूँ जिंदगी गुजार रहे हैं उनके बगैर,
अब तो उदास सी लगती है हर दीवाली,
दुनिया की महफिलों से उकता सा गया ,
अब ना सुहाती सुबह के सूरज की लाली,
लंबी- सी हो गई है अब गम की हर शाम,
अब न दिखती कभी वो फिजा मतवाली,
न तेरी तस्वीर है यहाँ, चलो अच्छा हुआ ,
दिल ये हमारा मोहब्बत से हो गया खाली,
अब ना होगा यूँ दिल का सौदा बार-बार,
रूठ गया फूलों से अब उपवन का मालीI
