STORYMIRROR

सोनी गुप्ता

Abstract

4  

सोनी गुप्ता

Abstract

दिल ये हमारा

दिल ये हमारा

1 min
955

दिल हमारा मोहब्बत से हो गया खाली, 

गमों ने ऐसा घेरा मन भी हो गया खाली, 

अब यूँ जिंदगी गुजार रहे हैं उनके बगैर, 

अब तो उदास सी लगती है हर दीवाली, 


दुनिया की महफिलों से उकता सा गया , 

अब ना सुहाती सुबह के सूरज की लाली, 

लंबी- सी हो गई है अब गम की हर शाम, 

अब न दिखती कभी वो फिजा मतवाली, 


न तेरी तस्वीर है यहाँ, चलो अच्छा हुआ , 

दिल ये हमारा मोहब्बत से हो गया खाली, 

अब ना होगा यूँ दिल का सौदा बार-बार, 

रूठ गया फूलों से अब उपवन का मालीI


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Abstract