STORYMIRROR

AshoKumar Sahu

Abstract

4  

AshoKumar Sahu

Abstract

दिल प्यार

दिल प्यार

1 min
421

यह दिल कितना पागल है,

यह प्रेम दीवाना होता है।

दो दिलों का प्रेम मिलन,

खुशियों का बहार होता हैं।


यह मौसम सुहाना है,

दिल कितना पागल है।

यह प्यार का नगमा है,

खुशियों का खजाना है।


प्यार की नदिया बहती है,

दो दिलों का संगम हैं।

यह मौसम सुहाना है,

दिल कितना पागल है।


रातों की नींद में,

दिल कितना बेचैन हैं।

आंखों का तारा हूं,

दिल का सहारा हूं।


यह मौसम सुहाना है,

दिल कितना पागल है।

यह प्रेम की धारा है,

जीवन का सहारा है।


आंखों में तुम हो,

दिल में बसे हो।

दिल की आवाज आई,

सपनों में जान छाई।


मौसम सुहाना है,

दिल कितना पागल है।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract