STORYMIRROR

AshoKumar Sahu

Abstract Others

4  

AshoKumar Sahu

Abstract Others

प्रेम का दीपक

प्रेम का दीपक

1 min
351

तू प्रेम है,

    प्यार का जन्नत हूं मैं।

तू सागर है,

    प्रेम का नदिया हूं मैं।

तू दिल है,

    प्रेम का धड़कन हूं मैं।

तू चांदनी है,

    प्रेम का सूरज हूं मैं।

तू छाया है,

    प्रेम का परछाई हूं मैं।

तू प्रेम की शरीर है,

    प्रेम का आत्मा हूं मैं। 

तू प्रेम का जीवन हैं,

    प्रेम का जीवन धारा हूं मैं।

 तू प्रेम का आग है,

     प्रेम का पानी हूं मैं।

तू प्रेम का दीया है,

     प्रेम का बाती हूं मैं।



Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Abstract