दिल के किसी कोने में
दिल के किसी कोने में
चाहे तुझ से मुलाकातें ना होती हों
चाहे रोज-रोज बातें ना होती हों
पर दिल के किसी कोने में तू
रहता है
मेरी नींदों में सोता है
मेरी सुबह में जगता है
मेरे ख्वाबों में रंग भरता है
मेरे खयालों में बसता है
तन्हाइयों में मेरे आस-पास
संगीत की तरह बजता है
भीड़ में तू अक्सर
मेरे संग संग चलता है।
चाहे जिंदगी जिन राहों
पर भी ले जाए
पर दिल के किसी कोने में
तू हमेशा रहता है

