STORYMIRROR

KHYATI PANCHAL

Classics Inspirational

4  

KHYATI PANCHAL

Classics Inspirational

दीया

दीया

1 min
325

मंदिर में जले तो प्रार्थना है,

अंधेरों का वो उजाला है,


दीपावली की खुशियां है,

नए साल की बधाइयां है,


मन्नत की ज्योत है,

प्रेरणा का प्रतीक है,


जो कर दे सबको खाख है,

वो सूरज की छोटी सी आग है,

प्यार की बहार है,


खुशियों की फुहार है,

जनाब ये वो दिया है,


जिसने हर त्योहार, हर पल,

खुद जल कर उजाला दिया है।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Classics