दीपावली
दीपावली
आज पर्व दीपावली, का है मन में दीप।
मन के तम को दूर कर, प्रकाश रहे समीप।।
माता लक्ष्मी की कृपा, रहे सदा ही साथ।
मां की पूजा मैं करूं, देय आशीष हाथ।।
घर आए थे राम जी, वन से वापस आज।
खुशियों में हो सब प्रजा, दिल से करते नाज।।
आज दिवाली पर्व में, दीप दीप है रात।
व्योम करें हैं लाज सा, दीपों की बरसात।।
जगमग धरती आज है, प्रजा खुशी में खास।
खुशियों के दीपक जले, टूटे कभी न आस।।
