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Neeraj pal

Inspirational

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Neeraj pal

Inspirational

ध्यान।

ध्यान।

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मानव जीवन का परम लक्ष्य, ईश्वर दर्शन को पाना है।

परम आश्रय दाता वह हैं बनते, वरना जीना तो एक बहाना है।।


शांति, आनंद व ज्ञान है मिलता, इन बिन जीवन पशु समाना है।

उपक्रम कर ले इनको पाने का, सत संगत को ही अपनाना है।।


दूर कर ले मन की अस्थिरता, गुरु ज्ञान तुझको पाना है।

अभ्यास "ध्यान" का करना होगा, गर इन विकृतियों को भगाना है।।


आसाँ नहीं प्रभु आनंद को पाना, राग रहित हो जाना है।

वंदन कर ले गुरु चरणों का, "ध्यान" औषधि गर पाना है।।


अगर चाहता इस अदृश्य कृपा को, सतत् विनीत भाव तुझको लाना है।

श्रम साध्य तेरा काम न देगा, कृपा साध्य तुझको बनना है।।


जन्म-जन्मांतर के कलुषित मन को, गुरु चरणों में लगाना है।

मल विकार पल में दूर हैं होते, नित्य प्रति "ध्यान" गुरु का करना है।।


मानव जीवन का लक्ष्य यही है, उस परम सत्य को पाना है।

"नीरज" कर ले "ध्यान" गुरु का, गर ध्रुव पद तुझको पाना है।।


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