Anuj Bhandari
Fantasy Inspirational
सफलता अगर दूर दिखे,
तो उसे आवाज न लगाना
चुपके से उसके पास जाकर
सीने से लगा देना।
खुशी होगी कितनी
इसका अंदाजा लगाने
पहले मत बैठ जाना
बस उस वक्त,
ऊपर वाले को याद करके
धन्यवाद दे देना।
मां -बाप
इस कदर
अंगूठी
गरमागरम चाय
भरपेट थाली
लाइब्रेरी
प्यासा
दुल्हन की मौत
मनुष्य जीवन
पैगाम
जब-जब परस्थितियाँ बिगड़ी हमारी हर भारतवासी ने की है पूरी तैयारी। जब-जब परस्थितियाँ बिगड़ी हमारी हर भारतवासी ने की है पूरी तैयारी।
कुछ झुकती निगाहों से....कुछ उठती निगाहों से.... कुछ होठों से भी......मैं उन लफ़्ज़ों को कुछ झुकती निगाहों से....कुछ उठती निगाहों से.... कुछ होठों से भी......मैं उन ल...
तुम्हारे होने से ही मन में सुकून और चेहरे में नूर है तुम्हारे होने से ही मन में सुकून और चेहरे में नूर है
पुष्प सुगंध प्रकृति के रंग में चार चांद है। पुष्प सुगंध प्रकृति के रंग में चार चांद है।
वो आयेंगे कभी ये सोच कर दबी दबी सी खुशी आती है वो आयेंगे कभी ये सोच कर दबी दबी सी खुशी आती है
पत्थर के कण-कण में बाढ़ की हलचल में पत्थर के कण-कण में बाढ़ की हलचल में
लेकिन एक बचपन मेरे साथ है मेरी बेटी मेरे पास है लेकिन एक बचपन मेरे साथ है मेरी बेटी मेरे पास है
तेरे साथ मरासिम इतना पुख़्ता है सनम तेरे साथ मरासिम इतना पुख़्ता है सनम
अपनी मर्जी से आता जाता है बड़ा शरारती है "बैरी चाँद"। अपनी मर्जी से आता जाता है बड़ा शरारती है "बैरी चाँद"।
कुछ मैं भी जिसपे थम गयी मेरे आखिरी पड़ाव सी। कुछ मैं भी जिसपे थम गयी मेरे आखिरी पड़ाव सी।
कभी कभी लगता है कि कोई बात ना करूं लेकिन बातें कभी खामोश रह सकती है भला? कभी कभी लगता है कि कोई बात ना करूं लेकिन बातें कभी खामोश रह सकती है भला?
खतरनाक है अंध विश्वास, मत आने दो इनको पास। खतरनाक है अंध विश्वास, मत आने दो इनको पास।
पीकर जीना, जीकर पीना ये शराब तुम्हारी कभी कद्र नहीं करती। पीकर जीना, जीकर पीना ये शराब तुम्हारी कभी कद्र नहीं करती।
सौंधी मिट्टी की खुशबू उड़ी है याद गाँव के संग ला रही है । सौंधी मिट्टी की खुशबू उड़ी है याद गाँव के संग ला रही है ।
अंदर ही अंदर ग़म से निचोड़ रहा हो ऐसा भी हो सकता है अंदर ही अंदर ग़म से निचोड़ रहा हो ऐसा भी हो सकता है
दिलों के रिश्ते शिद्दत से निभाएं, हम तुम सदा पास हो दिलों के रिश्ते शिद्दत से निभाएं, हम तुम सदा पास हो
इठलाना, शरमाना तुझे कैद करने की मेरे दिल में छोटी सी जगह थी इठलाना, शरमाना तुझे कैद करने की मेरे दिल में छोटी सी जगह थी
रुख से नक़ाब जो हटाऊँ, मुझे रोक देती है क्यों, तेरी तीखी नज़र मुझे टोक देती हैं क्यों, रुख से नक़ाब जो हटाऊँ, मुझे रोक देती है क्यों, तेरी तीखी नज़र मुझे टोक देती ...
शीतल झरना सा दो आत्माओं के संगम पर.... शीतल झरना सा दो आत्माओं के संगम पर....
चाह नहीं पतंग की ऊंचाई पा जाऊँ अपनी डोर गैरों के हाथ पकड़ाऊं चाह नहीं पतंग की ऊंचाई पा जाऊँ अपनी डोर गैरों के हाथ पकड़ाऊं