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Pritirani Ratha

Fantasy

3  

Pritirani Ratha

Fantasy

कल्पना

कल्पना

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मेरी कल्पना है कुछ कर दिखाने की

मेरी कल्पना है कुछ सिखाने की ।


मेरी कल्पना है दुनिया को बदलने की 

मेरी कल्पना है सपनों को सच कर दिखाने की ।


कुछ खुद से करूंगी ,

कुछ दूसरों से सीखूंगी ।


खुशियों तक दस्तक खुद से दूंगी ,

जो न मिले वो तो रब से छीन लूंगी ।


जो गम सताए उन्हें पिंजरे में बंद कर दूंगी ,

कल्पना को अपनी हकीकत का रूप दे दूंगी ।


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