धनतेरस/दीपावली
धनतेरस/दीपावली
दीपावली पर एक गरीब की अभिलाषा
मेरी मेहनत को खरीदो, मेरे घर भी दिवाली है।
माना कि, तुमने सैकड़ो दीये घर अपने जलाये।
कुछ ऐसा भी करो मेरे घर में चूल्हा जल जाये।
बांटते रहते हो मिठाई अपने ही तुम रिश्तेदारों में।
कुछ मिठाई उनको बांटो जो सोये है अंधियारों में।
खरीद कर विदेशी सामन, देश को चौपट कर दिया।
अपना देश खाली कर् के, विदेशो में ही भर दिया।
जला रहे है दीये सब घर में, मेरे घर भी दीये जल जाये।
मेरा सामन भी खरीद लो, तो मेरी दिवाली भी मन जाये।
