STORYMIRROR

दिनेश कुमार कीर

Children Stories Tragedy Inspirational

3  

दिनेश कुमार कीर

Children Stories Tragedy Inspirational

परिणीति

परिणीति

1 min
160

सूर्य तुम तपो

 पर इतना नहीं

 कि पृथ्वी जल जाए।

 मेघ, तुम बरसों

 पर इतना नहीं कि 

नदियाँ उफन पड़ें,

 सब कुछ फिसल जाए। 

हवा तुम बहो 

पर ऐसे नहीं कि 

घूमने लगे समुद्र, 

सृष्टि हिल जाए।

 मनुष्य, तुम चाहते हो

 तो रहो पर यूँ कि

 साँस बनी रहे, 

पानी बचा रहे।


Rate this content
Log in