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रौशनी आओगे न दुबारा दुर्भाग्य उलझे रहे सदा हम आजीवन ऋणी मैं तुम्हारा संस्कारों का है सहारा #तुम्हारी याद में आज भी रोशनी दिवाली हिन्दीकविता यही लक्ष्य बस तुम्हारा collegewritingchallenge जीवन संवारा तुमने रख मोमबत्ती और दिए जलाये जाते हैं । शोभा कहाँ जीवन सुखी हो मेरा विथि का विधान चल दिए तुम

Hindi दिए Poems