STORYMIRROR

Usha Gupta

Classics

4  

Usha Gupta

Classics

देश मेरा

देश मेरा

1 min
381

है धरती पर स्वर्ग देश मेरा,

है सबसे निराला देश मेरा।


प्राकृतिक सौन्दर्य अनोखा,

काश्मीर से कन्याकुमारी तक,

पूरब से पश्चिम तक।


सूर्य मन्दिर, जन्तर मन्तर, हम्पी,

खजुराहो, ताज महल,अजन्ता, एलोरा,

हैं साक्षी सभी अनूठी वास्तुकला के।


है धरती पर स्वर्ग देश मेरा,

है सबसे निराला देश मेरा।


बहती गंगा अनोखी यहाँ,

है जल जिसका औषधियों से भरपूर,

करती तन मन के रोग दूर।


है धरती पर स्वर्ग देश मेरा,

है सबसे निराला देश मेरा।


भाषायें अनेक, व्यंजन अनेक,

वेषूभूषा अनेक, धर्म अनेक,

है अनेकता में एकता का सगंम बेजोड़।


है धरती पर स्वर्ग देश मेरा,

है सबसे निराला देश मेरा।


शिक्षा, खेल, विज्ञान, साहित्य, अनुसंधान, 

निडर सेना, मेहनती किसान,

सभी क्षेत्र में झंडा ऊँचा हमारा।


है धरती पर स्वर्ग देश मेरा,

है सबसे निराला देश मेरा।


विश्व को शून्य सिखाया, 

दिखाया मार्ग जीवन दर्शन का,

बन विश्व गुरू योग का मना रहे विश्व योग दिवस,


है धरती पर स्वर्ग देश मेरा,

है सबसे निराला देश मेरा।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Classics