Exclusive FREE session on RIG VEDA for you, Register now!
Exclusive FREE session on RIG VEDA for you, Register now!

Anushree Goswami

Romance


3  

Anushree Goswami

Romance


डूबा डूबा-सा

डूबा डूबा-सा

1 min 195 1 min 195

कुछ पानी की बूंदों की

प्यास में डूबा डूबा-सा

मैं तो उस चाँद की

आस में डूबा डूबा-सा


मुझको तो रौशन

इन अंधेरों ने किया है

मैं इन अँधेरों की

साँझ में डूबा डूबा-सा


मैं तो किसी मोहब्बत

किसी प्यार का एक अंश हूँ

मैं भीतर छिपे

प्यार में डूबा डूबा-सा


मैं लिख रहा हूँ

एक अनोखी दास्तां

मैं इस नज़्म के

सार में डूबा डूबा-सा



Rate this content
Log in

More hindi poem from Anushree Goswami

Similar hindi poem from Romance