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Rajit ram Ranjan

Drama

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Rajit ram Ranjan

Drama

डर लगता है

डर लगता है

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डर लगता है,

उन सपनों से,

डर लगता है,

अपनों से।


कभी-कभी दिल,

खुश हो जाता है,

ये सोच कर,

कि सब अपने हैं।


मगर जब आखें,

खुलती है तो,

अपना कुछ भी,

नहीं होता है।


डर लगता है,

उन सपनों से,

डर लगता है,

अपनों से।


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