Independence Day Book Fair - 75% flat discount all physical books and all E-books for free! Use coupon code "FREE75". Click here
Independence Day Book Fair - 75% flat discount all physical books and all E-books for free! Use coupon code "FREE75". Click here

Pawanesh Thakurathi

Romance


4  

Pawanesh Thakurathi

Romance


ढाई आखर लिखते रहेंगे

ढाई आखर लिखते रहेंगे

1 min 261 1 min 261

बहुत उदास है जिंदगी

इसलिए तुम मुस्कुराती रहो

हम हँसते रहेंगे। 


बहुत बेसुरे से हैं सुर

इसलिए तुम गाती रहो

हम सुनते रहेंगे। 


चांद के पास अपनी रोशनी भी तो नहीं

इसलिए तुम किरण बन के चमकाती रहो

हम चमकते रहेंगे। 


बहुत नादान है ये दिल

कुछ समझता ही नहीं

इसलिए तुम समझाती रहो

हम समझते रहेंगे। 


जिंदगी कटेगी नहीं तुम बिन

मालूम है हमें

इसलिए स्याही बनकर

कलम में आती रहो। 

हम उम्र भर ढाई आखर

लिखते रहेंगे।


Rate this content
Log in

More hindi poem from Pawanesh Thakurathi

Similar hindi poem from Romance