STORYMIRROR

Ritu Sama

Romance

2  

Ritu Sama

Romance

दौलत तुम्हारी

दौलत तुम्हारी

1 min
391

मन में उलझनों का ताना बाना 

और उसपे तुम्हारा हौले से आ जाना 

गरीब सा दिल मेरा बेचारा 

तुम बरसा दो ख़ुशियों का खजाना 


कितनी रखी है मेरी अलमारी में 

ख्वाहिशें इधर उधर बिखरी फैली 

गरीब सा दिल मेरा पर बेचारा 

और खाली इसकी सारी तहें 

 

दौलत जहाँ की मेरे दर का मुख करे 

बस करती नहीं तेरी हवाएं सुहानी 

गरीब सा दिल मेरा यह बेचारा 

मिलती नहीं जिसे दौलत तुम्हारी



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Romance