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चुपके से

चुपके से

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चुपके से,

अनजाने से,

तुम मुझसे दूर क्यों हो गए।


मेरे ये दिल को तू तोड़ दिया,

क्यों मेरी नज़र से तुम निकल गए।


बात नहीं फरियाद नहीं,

तुमको बताने तो आई थी मैं,

दिल की दीवारों में छिपाते हुये,

वो गुप्त बताने को आई थी मैं,

मेरे ईश्क़ बताने तो आई थी मैं।


बोलोगे बोलोगे क्या एक दिन तुम,

बात जो मेरा दिल चाहे हमेशा,

जानोगे जानोगे क्या एक दिन तुम,

सपने जो मेरा मन ढूँढे हमेशा।


मेरा ये सपना तुम हो तुम ही हो,

ये जान लो ना सजना,

मुझको तो तन्हा यूँही छोड़ के तुम,

क्यों निकल गए सजना।


तेरे बिन मेरा दिल अधूरी तमन्ना,

तेरा प्यार ढूँढती हूँ मैं वो पिया,

मुझको तुम भूल गए क्या ?

मेरा इश्क़ तुम जान गए क्या ?


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