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Nisha Gupta

Romance

4  

Nisha Gupta

Romance

चंचल नैन

चंचल नैन

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सारी सारी रात मैं जागूँ

तारों की बारात 

चँदा मेरे अँगना उतरे 

पिया मिलन की रात।


चंचल नैन हमारे तकते 

समझे हिय की बात

आ जाते वो पास हमारे

बह जाते जज़्बात।


पढ ली हम दोनों ने अब तो

नैनन से नैनन की बात

चंचल नैन हमारे लिखते

नए नए हालात।


चटक चाँदनी चमक रही है 

होश उड़ाए आज 

मन मेरा भी तड़फ रहा है

बजते कानो में साज।


पिया मिलन की ऋतु आई है

छाया है मधुमास

चंचल नैन हमारे देखो

हर पल रखते आस।


हर आहट पर मैंने समझा

खुल गए सारे राज 

सांस सांस गंध महकी मेरी

साजन बाहुपाश में आज।


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