चलो आसमां में उड़ चलें
चलो आसमां में उड़ चलें
ये ज़िद्द हमारी नहीं तुम्हारी ही थी कि
चलो आज आसमां की ऊंचाईयों को नापने चलें
इश्क़ की कश्ती में होके सवार हम दोनों
इसके सीने में दो दिलों के निशाँ छापने चलें
कितना सुहाना होगा सफ़र अगर साथ तुम्हारा हो
वक्त का क्या वक़्त ही तो है कट जाएगा
बस गुज़ारिश है कि कभी जुदा होने की बात न हो
ज़माने का क्या रास्ते से ख़ुद ही हट जाएगा
हम भला दिल में ये ख़्वाहिश क्यों पालें कि
हमारी धड़कन चाँद-सी खूबसूरत हो
तुम क्या जानो दिल तो पहले ही मान चुका है कि
तुम अजंता-एर्लोरा की बेमिसाल मूरत हो
अपने दिल का हाल हमने अभी सुनाया ही था कि
वो अपने पुराने ज़ख़्म हमको ही दिखाने लगे
उनको किसने बता दिया हम इस खेल में अनाड़ी हैं
पास बैठाकर इश्क़ के हुनर हमको ही सिखाने लगे
यहाँ अक्सर दीवाने ये गलती कर जाते हैं कि
जिसे चाहते नहीं उनको दिल थमा देते हैं
एक ही तो दिल है बेचारा किस-किस को दोगे
नादान हैं दर्द के दलदल में पाँव जमा देते हैं
ये चाँद, ये सितारे, पैदल टहलता आवारा बादल
घनी रात की तन्हाई में सोये-सोये रहते हैं
तुम कहो तो ये राज भी आज हम खोल देते हैं
बेचारे तुम्हारे ख्यालों में खोये-खोये रहते हैं।

