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Jai Prakash Pandey

Tragedy

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Jai Prakash Pandey

Tragedy

चिठिया नहीं भेजी

चिठिया नहीं भेजी

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ग्राम विकास

हुआ है कितना

घबराओ न 

बताओ दो मुन्ना


सड़क बनी है 

बीस बरस से

मोटर कबहुं 

नहीं आई


गांव के गेवड़े

खुदी नहरिया

बिन पानी के

शर्मायी घबराई

टपकत रहो


मदरसा कब से

धूल धूसरित

भई पढाई

कोस कोस से

पियत को पानी 

और ऊपर से 

खड़ी चढ़ाई 


बिजली लगत 

रही बरसों से 

पे अबहूं तक

लग नहीं पाई 

तुम्हें लिखो है 

बतलईयो न 


बे का जाने 

पीर पराई।


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