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Jai Prakash Pandey

Tragedy

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Jai Prakash Pandey

Tragedy

गरीबी

गरीबी

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धूप है कि चिलचिलाती 

भूख है फिर कुलबुलाती


जीवन भर की चाकरी 

पर पटती नहीं उधारी 


सुख चैन छिना कैसी तरक्की 

मंहगे गुड़ चने में फंसी बेबसी।


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