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Jai Prakash Pandey

Comedy

3  

Jai Prakash Pandey

Comedy

राजनीति के तीतर

राजनीति के तीतर

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तीतर के दो आगे तीतर,

तीतर के दो पीछे तीतर,

बढ़ ना पाये तीनों तीतर। 

कुंठित रह गये भीतर-भीतर।


बढ ना जाये अगला तीतर,

खींच रहा है पिछला तीतर।

बाहर खूब दिखावा करते,

कुढ़ते रहते भीतर भीतर।

जहां खड़े थे पहले तीतर।

वही खड़े हैं अब भी तीतर।


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