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Meenakshi Kilawat

Classics

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Meenakshi Kilawat

Classics

चांद पर जाएंगे

चांद पर जाएंगे

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कामयाबी की डोर अब भी है हाथ में

इस्रो का हौसला अब तक नहीं हारा है

विक्रम रुका है तो क्या हुआ

चांद पर भारतने झंडा तो फहराया है..!


जी-जान से कोशिश करते रहेंगे

हमारे देश के वैज्ञानिक सबल बनेंगे

आशाओके ना बुझने देंगे हम दिप

उम्मीद का दामन हम थामे बैठेंगे..!


नटखट चांद अदाए चालबाज

निकट कैसे किसीको जल्दी बुलाएंगे

इक दिन चांदपर जाएगा चंद्रयान

गगनके सितारेभी खुशियोसे झुमेंगे..!


संपर्क टूटा है सिर्फ विक्रमका

नया कुछ दिखाने के लिए

चांद के दिल में हम रहते हैं

जलवा उनका देखने के लिए..!


नई-नई तरकीबें दिखाकर

चांद पर इक दिन हम जाएंगे

दुनिया नई बसा करके

भारत का मान बढ़ाएंगे..!


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