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Nalanda Satish

Drama

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Nalanda Satish

Drama

बुन गया जाला

बुन गया जाला

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आ बैल मुझे मार

मुफ्त की मुसीबतों का जी जंजाल

बुरी लत से जीवन बर्बाद

समस्याओं का बुन गया जाल


अक्लमंदी पड़ गई भारी

जहरीली बातों से जान पर बन आई

सोचा था छोटी समस्या है भाई

पर पहाड़ बनाकर गई हैं राई


ना कोई कम है ना कोई ज्यादा

दूसरों को कम मत आंको

उबड़ खाबड़ है जिंदगी की पटरी

आपस में समानता बांटो


विपदाओं को मत बुलाओ

अच्छे काम बस करते जाओ

नेकी कर और कुएं में डाल

सोच बस यही अपनाओ।


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