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Nisha Singh

Romance

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Nisha Singh

Romance

बरसात

बरसात

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तुम्हारी यादों के साथ एक बरसात चली आती है,

हम भीगते नहीं हैं यह हमें भीगा जाती है,

क्यों सताती है तनहाई में तुम्हारी याद,

अश्क की हर बूंद में तुम्हारी तस्वीर नजर आती है


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