Nisha Singh
Romance
क्या हो तुम यह जलालत भरी जिंदगी कैसे जीते हो,
अपने हाथों से अपने ही जख्मों को कैसे सीते हो,
अश्क पीते तो देखा है बहुतेरों को,
तुम यह बताओ कि जिगर के लहू को कैसे पीते हो।
मैं और मेरी त...
बरसात
आज भी
क्या हो तुम
ए दुश्मन सुन…
अनचाहा सा ख्व...
शत्रु कोरोना
अचानक ही तो मिले थे हम दोनों समय और संस्कारों की यात्रा में। अचानक ही तो मिले थे हम दोनों समय और संस्कारों की यात्रा में।
मैंने कभी नहीं मांगा था हाथ तुम्हारा साथ तुम्हारा मैंने कभी नहीं मांगा था प्रीत तुम। मैंने कभी नहीं मांगा था हाथ तुम्हारा साथ तुम्हारा मैंने कभी नहीं मांगा था ...
मैं तेरे प्यार में पागल घूमता रहता हूँ, चाँद सितारों से तेरी बाते करता रहता हूँ, सावन के झूलो में बै... मैं तेरे प्यार में पागल घूमता रहता हूँ, चाँद सितारों से तेरी बाते करता रहता हूँ,...
तुम्हें आवाज देती हूं, तुम्हें वापिस बुलाती हूं तुम्हें आवाज देती हूं, तुम्हें वापिस बुलाती हूं
पर जीवन की संध्या बेला में ये एहसास चरम पर होता है ।। पर जीवन की संध्या बेला में ये एहसास चरम पर होता है ।।
तुम जाते जाते ले गये.. मुझसे मेरी साँझ की तसल्ली.. तुम जाते जाते ले गये.. मुझसे मेरी साँझ की तसल्ली..
बस तुम यूं ही आ जाना...। बस तुम यूं ही आ जाना...।
एक गीत अपनी मोहोब्बत के लिए।। एक गीत अपनी मोहोब्बत के लिए।।
कभी खुद से बातें करना अच्छा लगता था, आज खुद से नज़रें मिलाना भी भारी लगता है। हम जिनके लिए सबकुछ छोड... कभी खुद से बातें करना अच्छा लगता था, आज खुद से नज़रें मिलाना भी भारी लगता है। हम...
मैं बन जाती थी आसमान, वो तारा बनकर मुझमें बिखर जाता था... मैं बन जाती थी आसमान, वो तारा बनकर मुझमें बिखर जाता था...
अकेले चलना मुश्किल है , मुझे अपना बना लो तुम ! सफर कट जाएगा मेरा , मुझे यदि साथ देदो तुम !! अकेले चलना मुश्किल है , मुझे अपना बना लो तुम ! सफर कट जाएगा मेरा , मुझे यदि साथ ...
पात पात प्रतीति परिभाषित, है तुम बिन फागुन अभिशापित। पात पात प्रतीति परिभाषित, है तुम बिन फागुन अभिशापित।
वो आज भी ख्वाबों में आता है!! जगाकर नींद से, यादों के भँवर में फँसा जाता है वो आज भी ख्वाबों में आता है!! जगाकर नींद से, यादों के भँवर में फँसा जाता ह...
तुम्हारे अंदर वो तमाम रद्द-ओ-बदल जो तुमने सिर्फ़ मेरे लिए किये उनका आभार जता सकूँ मै तुम्हारे अंदर वो तमाम रद्द-ओ-बदल जो तुमने सिर्फ़ मेरे लिए किये उनका आभार ...
<b>प्यार एक खूबसूरत लम्हा होता हैं,</b><br><b>जिसे हर कोई जीना चाहता है,</b><br><b>लेकिन प्यार करने ... <b>प्यार एक खूबसूरत लम्हा होता हैं,</b><br><b>जिसे हर कोई जीना चाहता है,</b><br>...
नहीं लगता मेरा ये दिल, मुझे क्यों याद आती हो ! करूँ क्या मैं भला बोलो , मुझे रहरह सताती हो !! नहीं लगता मेरा ये दिल, मुझे क्यों याद आती हो ! करूँ क्या मैं भला बोलो , मुझे रहर...
गिनना चाहती हूँ तारों को मैं, चाँद पर बैठना चाहती हूँ, थोड़ी देर... गिनना चाहती हूँ तारों को मैं, चाँद पर बैठना चाहती हूँ, थोड़ी देर...
मैं मचलती हूँ सात सुर-सी बजती वीणा-सी, कोई नश्तर नहीं मेरे वज़ूद के आसपास... मैं मचलती हूँ सात सुर-सी बजती वीणा-सी, कोई नश्तर नहीं मेरे वज़ूद के आसपास...
थोड़ी सी ख़ामोशी मुझे है स्वीकार ... अतिशयोक्ति में डूबा हुआ नहीं चाहिए प्यार ! थोड़ी सी ख़ामोशी मुझे है स्वीकार ... अतिशयोक्ति में डूबा हुआ नहीं चाहिए प्यार !
चलो हम-तुम फिर बैठ के सुबह की चाय एक साथ पीते हैं। चलो हम-तुम फिर बैठ के सुबह की चाय एक साथ पीते हैं।