STORYMIRROR

Nisha Singh

Romance

2  

Nisha Singh

Romance

क्या हो तुम

क्या हो तुम

1 min
301

क्या हो तुम यह जलालत भरी जिंदगी कैसे जीते हो,

अपने हाथों से अपने ही जख्मों को कैसे सीते हो,

अश्क पीते तो देखा है बहुतेरों को,

तुम यह बताओ कि जिगर के लहू को कैसे पीते हो।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Romance