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Deepika Goel

Romance Classics Fantasy

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Deepika Goel

Romance Classics Fantasy

बरसात

बरसात

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एक सड़क आज फिर से मिली है

शायद अभी अभी बरसात से धुली है


जहाँ तक आँखें जाती है

ये हरयली सुकून दे जाती है


क्या कशिश सी है इस जगह में

सब एक जैसा होके भी जुदा है


हमें लगता है इस सुकून में ही खुद खुदा है।


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