STORYMIRROR

Rahulkumar Chaudhary

Romance Tragedy Others

4  

Rahulkumar Chaudhary

Romance Tragedy Others

बिन तेरे

बिन तेरे

1 min
204

एक एक दिन गुजर रहा है

मर नहीं जाएंगे, बिन तेरे,


हवा में न नफ़रत का ज़हर 

साँस भी ताजी है, बिन तेरे,


ख्वाब होता तो रातें लंबी 

अब नींद कम हैं, बिन तेरे,


शौक़ था तेरे नाम का मुझे 

कलम चल रही है बिन तेरे,


हर साया तो धूप माँगता हैं 

अँधेरा डराया नहीं, बिन तेरे,


सुबह होती तेरे आवाज से 

हिचकियाँ आती हैं, बिन तेरे,


जीतना फ़ितरत में हैं मेरी 

इस बार हारना हैं बिन तेरे,


देखना आदत नहीं थी मुझे 

तस्वीरें देखने लगा बिन तेरे,


मुझे भुला देना ही इश्क तेरा 

जिंदगी कैसे जीयेंगे बिन तेरे.


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Romance