STORYMIRROR

S N Sharma

Romance

4  

S N Sharma

Romance

बिन तेरे कोई कमी सी है

बिन तेरे कोई कमी सी है

1 min
394

तेरे शहर में बिन तेरे कोई कमी सी है।

मेरी आंखों में इसी वास्ते नमी सी है।


न सितारों की यहां से है रह गुजर कोई।

न चांदनी का दिखा है हम सफर कोई।


सांस आकाश की कुछ थमी थमी सी है

तेरे शहर में बिन तेरे कोई कमी सी है।


न अंजुमन का पता न दरो दीवार कोई।

उजाड़ गुलशन है यहां नहीं बहार कोई।


तेरी यादें हर तरफ बर्फ सी जमी सी है।

तेरे शहर में बिन तेरे कोई कमी सी है।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Romance