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Vaibhav Rashmi Verma

Romance Tragedy

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Vaibhav Rashmi Verma

Romance Tragedy

बीती यादें

बीती यादें

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लिखा तुम्हे ही था वो ख़त जो जलाये है तुमने।

मेरे ही थे सजाये जो बिखेरे है सपने तुमने।।

क्या कसूर था मेरा जो मेरा दिल तोड़ा।

बस तुम्हारी खुशियों को चाहा था।।

खुद से ज्यादा तुम्हे चाहा हर दुआ मे मांगा।

यादों के शहर मे तन्हा हो गया हूँ।।

ढूढ़ते ढूढ़ते तुम्हे खुद अकेला हो गया हूँ।

हाँ तुम्हारी बेवफाई मे जी कर भी मर सा गया हूँ।।-VAIBHAV RASHMI VERMA


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