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Prafulla Kumar Tripathi

Inspirational


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Prafulla Kumar Tripathi

Inspirational


भर लो रंग !

भर लो रंग !

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हर किसी के पास अपनी तूलिका ,

भाव अनुभव की है सुंदर भूूमिका।

कैनवस पर चढ़ा डालो भाव मन का ,

दर्द की पीड़ा,तड़प, खुशियों के रंंग का ।।


धधकती ज्वाला करे जब जब परीक्षा,

सत्य फिर - फिर प्रकट हो देता ये शिक्षा ।

बेवजह मांगो न तुम प्रभु से भिक्षा ,

श्रम करो फिर कर चाहे प्रतीक्षा।।


हर तरफ भागा करे यह ज़िन्दगी ,

कितनी भी करते रहे थे बंदगी।

उम्र मानो पूछती है क्रोध करके ,

मन धवल था कालिखों से रंग क्यों दी।।



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