STORYMIRROR

Prof (Dr) Ramen Goswami

Drama Classics Inspirational

4  

Prof (Dr) Ramen Goswami

Drama Classics Inspirational

भारत

भारत

2 mins
286

हिंदू भारत, जैन भारत, बौद्ध भारत, ईसाई भारत,

इतने सारे भारत के बीच में खड़ा हूं, मैं फिरोजा एक भारतीय लड़की हूं।


आप कह सकते हैं, मैंने क्या गलत किया ? दुनिया का कोई भी देश

मैं किसी भी दूसरी लड़की की तरह ही हूं, मैं प्यार करता था,

पहले दिन मैंने उसकी आंखें में देखीं

मुझे नहीं पता था कि वह कौन था

दोपहर की रोशनी जो कॉलेज कैंपस में गिरी,

उसके बालों में कहीं उसका धर्म लिखा हुआ था।


जिस दिन मैं हाथ में मोमबत्ती लेकर खड़ा हुआ

जिस दिन कह दिया मैं शरीयत को नहीं मानता

जिस दिन मैंने भारत की मिट्टी को समझा

मैं जानता हूं कि मां भारत का आकाश है

अत्याचार उसी दिन से शुरू हो गया।


लड़का तुम्हारा है,

उसने क्या गलत किया ?

मुझे प्यार करना उसकी गलती था क्या ?

तुमने लड़के के घर पर पत्थर फेंके

उसे हाथ से मारो, चावल से मारो

उसने घर की दीवार पर बड़े-बड़े अक्षरों में लिखा,

"यह काम नहीं चलेगा।"


आप पर शर्म नहीं आती, आप लोग आगे हैं

एमए पास, बीए पास, डॉक्टर, इंजी

नौकरशाहों, आकाओं, आप लोकतंत्र की बात करते हैं

और आवश्यकतानुसार

उन्होंने लोकतंत्र की कमान संभाली।

आप को अभिशाप!


क्या मैं भोर के उजाले में सरस्वती पूजा का फल हूं?

रात को नहीं जागे?

क्या मैंने पड़ोस के हिन्दू पिता के लिए रक्त नहीं दिया?


मैंने अरबी नहीं सीखी, मैंने फ़ारसी नहीं सीखी, मैंने उर्दू नहीं सीखी

बंगाली मेरी भाषा है, यह भाषा मेरा चावल है, मेरी रोटी है

काजोल मेरी आंखों, मेरे पैरों की।

यह भाषा मेरी गुप्त चिट्ठी है, चिट्ठी दर चिट्ठी,मेरे आँसू, हा मैं भारतवासी, गर्व है मुझमें।




मुझे नहीं पता कि उस रात क्या हुआ था

क्या हुआ उनके घर में, क्या हुआ उनके पड़ोस में, क्या हुआ

 मुझे अभी भी यह नहीं पता है

लेकिन अगले दिन उसका कहीं पता नहीं चला

मुझे नहीं पता था कि वह कहां गया।


यह आपका भारत है ? क्या यह हमारा भारत है ?


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Drama