STORYMIRROR

Gajanan Pandey

Tragedy

3  

Gajanan Pandey

Tragedy

भारत के वीर सपूत

भारत के वीर सपूत

1 min
131

मााँ की फिर कोख उजडी है 

बच्चे अनाथ हुए हैं 

पिता का सहारा टूटा है। 


भारत माँ दुखी है 

उसने खोएं हैं अपने सपूत 

आंखे नम हैं 


दिल में प्रतिशोध है

शहादत व्यर्थ न जाने देंगे 

ये दुुश्मन को दिखलाना है। 


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Tragedy