STORYMIRROR

Preeti Sharma "ASEEM"

Abstract

3  

Preeti Sharma "ASEEM"

Abstract

भाई दूज का त्यौहार

भाई दूज का त्यौहार

1 min
256


भैया दूज मनाते हैं

भाई-बहन के रिश्ते से ,

सभी त्योहार खिल जाते हैं।


त्योहारों से,

रिश्तों की तरह

हम जुड़ जाते हैं।

उम्र भर साथ निभाते हैं।


भाई की कलाई पर,

बांधते ही राखी

सब त्योहार आ जाते हैं।


ऐसा लगता है

सब त्योहार, भाई

उपहार स्वरूप दे जाते हैं।


बहन के आंचल में,

सब खुशीयाँ भर जाते हैं।


भाई के माथे पे,

लगा के विजय तिलक

हम भाई-दूज मनाते हैं।


इस रिश्ते -सा नही ,

कोई रिश्ता दूजा

शायद इसलिए ,

यह त्योहार भाई-दूज

कहलाता है।


जब भाई-बहन मिलते हैं

वो दिन त्योहार बन जाता है

वो दिन त्योहार बन जाता है।

    


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract