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Devendra Singh

Abstract Romance Tragedy

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Devendra Singh

Abstract Romance Tragedy

बेवफा

बेवफा

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सितम से जान ले लेगा मेरा हमदम समझता है

बड़ा खुदगर्ज है ज़ालिम ख़ुद ही का ग़म समझता है

बड़े चर्चे हैं गलियों में नया आशिक़ बनाने के

मुझे कांटा समझता है उसे मरहम समझता है।।


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