Devendra Singh
Abstract Romance Tragedy
सितम से जान ले लेगा मेरा हमदम समझता है
बड़ा खुदगर्ज है ज़ालिम ख़ुद ही का ग़म समझता है
बड़े चर्चे हैं गलियों में नया आशिक़ बनाने के
मुझे कांटा समझता है उसे मरहम समझता है।।
मुहब्बत
अज़ब-गज़ब
सहारा क्या है...
बेवफा
अल्फ़ाज़ बोलेंग...
कैद
उलझन
रक्षाबंधन
होशियारी
कलम चलदर्द लि...
धिक्कार है उन दिलों को आज, जिनमें संवेदनाओं की ही जगह नहीं धिक्कार है उन दिलों को आज, जिनमें संवेदनाओं की ही जगह नहीं
मैंने नफा-नुकसान न सीखा था इसलिए पाया कम ज़्यादा गवाया मैंने नफा-नुकसान न सीखा था इसलिए पाया कम ज़्यादा गवाया
बहुत कम लोग होंगे जो प्रसन्न होंगे बेटी के पैदा होने पर बहुत कम लोग होंगे जो प्रसन्न होंगे बेटी के पैदा होने पर
गुलिस्तां में एक, आशियाना देखने जो लगा। हार्दिक अपना वहाँ, घर नया हैं तेरा बनाना। गुलिस्तां में एक, आशियाना देखने जो लगा। हार्दिक अपना वहाँ, घर नया हैं तेरा ब...
जीवन का यह बसंत राजा नव कोपलों में नव कालिकाएँ खिलने लगी है मधुमास में। जीवन का यह बसंत राजा नव कोपलों में नव कालिकाएँ खिलने लगी है मधुमास में।
वर्षोंपरांत मन में छिड़ा आज कोई द्वन्द है रूह होकर भी पास मेरे से बहुत तंग है वर्षोंपरांत मन में छिड़ा आज कोई द्वन्द है रूह होकर भी पास मेरे से बहुत तंग ह...
सिखाने वाले बहुत सीखता रोज नई लेकिन लगता बामन कुछ भी जानता नहीं।। सिखाने वाले बहुत सीखता रोज नई लेकिन लगता बामन कुछ भी जानता नहीं।।
मैं फिर उन गलियों से गुजरने चली हूँ। मैं फिर उन गलियों से गुजरने चली हूँ।
आते हो सपने मे मेरे तुम कभी हक़ीक़त मे भी आ जाया करो.. आते हो सपने मे मेरे तुम कभी हक़ीक़त मे भी आ जाया करो..
जब तक न तुम्हें निहार ले ये अपने ही अंधेरों में सिमटी रहे। जब तक न तुम्हें निहार ले ये अपने ही अंधेरों में सिमटी रहे।
भाव के अभाव का है सम्मान जानकी। भाव के अभाव का है सम्मान जानकी।
नारी सृष्टि की अनमोल रतन है। जहाँ न होती नारी वहीं पतन है। नारी सृष्टि की अनमोल रतन है। जहाँ न होती नारी वहीं पतन है।
मेरा प्रत्येक शब्द, मेरी कला में इज़ाफत का आफ़ताब है, जो समझ सको तो पढ़ लो. मेरा प्रत्येक शब्द, मेरी कला में इज़ाफत का आफ़ताब है, जो समझ सको तो पढ़ लो.
अंधेरों ने रोशनी से दोस्ती कर ली 'सुओम'। खोता जाता तू पहचान, समझता ही नहीं।। अंधेरों ने रोशनी से दोस्ती कर ली 'सुओम'। खोता जाता तू पहचान, समझता ही नहीं।।
मैं ही तो शिव जटा से निकला शुद्ध पानी हूं, मैं तो खुद की ही नई कहानी हूं।। मैं ही तो शिव जटा से निकला शुद्ध पानी हूं, मैं तो खुद की ही नई कहानी हूं।।
शिद्दत से मिलती है मुहब्बत हमको संभाल कर रखो कहीं छूट न जाए। शिद्दत से मिलती है मुहब्बत हमको संभाल कर रखो कहीं छूट न जाए।
एक किनारे पर अंकूर फूटा, दूजे किनारे पर हो गई विलीन। एक किनारे पर अंकूर फूटा, दूजे किनारे पर हो गई विलीन।
जिन्दा रहे लोकतंत्र हमारा, हम जरूर मतदान करें।। जिन्दा रहे लोकतंत्र हमारा, हम जरूर मतदान करें।।
यह हमारा अनमोल जीवन बिना मोल ना हो जाए , तेरा मेरा करते करते कुछ अपना ना हो पाए यह हमारा अनमोल जीवन बिना मोल ना हो जाए , तेरा मेरा करते करते कुछ अपना ना हो प...
रिश्ते- नाते बनने का, सिलसिला बढ़ता गया।। रिश्ते- नाते बनने का, सिलसिला बढ़ता गया।।