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Surya Rao Bomidi

Romance Tragedy

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Surya Rao Bomidi

Romance Tragedy

बेवफ़ा दोस्त

बेवफ़ा दोस्त

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किन मजबूरियों से गुजरे हैं हम तुम क्या जानो

तुम्हे तो सिर्फ मेरी बेवफ़ाई का अहसास है


कब हम वफ़ा करते करते बेवफ़ा हो गए

आज तक अनजान है हम

दिल पर बोझ है बेवफ़ाई का 

पर तुम्हे तो सिर्फ नई मंजिल की तलाश है


हमने क्या खोया क्या पाया

कभी फुर्सत में सोचना तुम 

बदनाम तुम भी हुई बदनाम हम भी हैं

पर करें क्या उधर तुम इधर हम दोनों उदास हैं


कोई बोला तुमहें बेवफ़ा कोई हमें

पर आज भी हैं मुसाफिर एक ही मंजिल के हम

कुछ तुम चलो कुछ हम चले

राहें वही है और मंजिल वहीं

मकसद है मंजिल पाना बाकी बकवास है।



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