Surya Rao Bomidi
Abstract
हम हमेशा से ही आशावादी हैं
वरना जिंदगी का एक वर्ष खो कर
यूं न मनाते हैप्पी बर्थडे
ख्वाहिशें
रामराज्य
मुस्कान
चलते चलते
दोस्ती
जन्म दिन
ये वक़्त भी ग...
चलना ही जिंदग...
करोना
सुकून
कुछ ऐसे भी होते हैं जो बदन पर खाल के जैसे हमेशा को रह जाते हैं ! कुछ ऐसे भी होते हैं जो बदन पर खाल के जैसे हमेशा को रह जाते हैं !
इंसान को बुद्धि देकर किया तुमने कितना उपकार इंसान को बुद्धि देकर किया तुमने कितना उपकार
दिल की भावनाएं मस्तिष्क समझे नहीं, दिल को मस्तिष्क की बातें माननी नहीं, सही ग़लत का उलझन दिल क... दिल की भावनाएं मस्तिष्क समझे नहीं, दिल को मस्तिष्क की बातें माननी नहीं, सही ग़लत...
यह मुझे समझ नहीं आता इतना समझने की जरूरत भी क्या है यह मुझे समझ नहीं आता इतना समझने की जरूरत भी क्या है
हर तरफ टूट-टूट कर गिर रहा है वक्त का तंत्र और मुझे कविताओं की चिंता है। हर तरफ टूट-टूट कर गिर रहा है वक्त का तंत्र और मुझे कविताओं की चिंता है।
आजादी का मतलब क्या है हम आप जानते हैं? आजादी का मतलब क्या है हम आप जानते हैं?
अपने सतीत्व के लिए अग्नि परीक्षा देती हैं। न जाने कैसी होती हैं ये स्त्रियां ? अपने सतीत्व के लिए अग्नि परीक्षा देती हैं। न जाने कैसी होती हैं ये स्त्र...
द्रौपदी की करुणा पुकार क्यों नहीं सुन पा रहे हो? द्रौपदी की करुणा पुकार क्यों नहीं सुन पा रहे हो?
अभी नहीं मालूम जीवन की कड़वी सच्चाइयां अभी नहीं मालूम जीवन की कड़वी सच्चाइयां
दिलों की गर्द लिख दूं, झूठ की हद लिख दूं। दिलों की गर्द लिख दूं, झूठ की हद लिख दूं।
रावण को देखा, फिर शीश झुकाया उसने बड़े प्यार से मुझे उठाया गले लगाया, मेरी पीठ थपथपाया रावण को देखा, फिर शीश झुकाया उसने बड़े प्यार से मुझे उठाया गले लगाया, मेरी ...
दिल में कसक सी बाकी रह जाती है दिल में कसक सी बाकी रह जाती है
गुलामी की बेड़ियों को हमने कई वर्षों तक सहा है, क्या होती गुलामी लंबे समय तक महसूस किय गुलामी की बेड़ियों को हमने कई वर्षों तक सहा है, क्या होती गुलामी लंबे समय तक ...
सूरज की किरणों से आज, स्वयं नग्न जल जाऊं मैं सूरज की किरणों से आज, स्वयं नग्न जल जाऊं मैं
नीर भरी अंखियों में तुमने, पीड़ा की गहराई दी, नीर भरी अंखियों में तुमने, पीड़ा की गहराई दी,
तब राम का नाम जुबां पे आता तो है फिर भी वह सत्य को झुठलाता है तब राम का नाम जुबां पे आता तो है फिर भी वह सत्य को झुठलाता है
कैसे पूजा हो माँ तेरी, या कि करूँ मैं पाठ। जाने कैसी बुद्धि हमारी, उम्र हो&n... कैसे पूजा हो माँ तेरी, या कि करूँ मैं पाठ। जाने कैसी बुद्धि हम...
अपने आपको ही बेवकूफ बनते हैं खुद ही खुद को गुमराह करते हैं अपने आपको ही बेवकूफ बनते हैं खुद ही खुद को गुमराह करते हैं
जीवन बदल दिया । शब्द नाद ने ब्रह्मांड को गुंजित कर दिया । जीवन बदल दिया । शब्द नाद ने ब्रह्मांड को गुंजित कर दिया ।