Surya Rao Bomidi
Tragedy
हाँ खलती है दोस्तों की कमी जिंदगी में,
पर दोस्ती में बेवफाई न सह पाते शायद
ये सोच, दोस्त बिना भी की जिंदगी में
सुकून मिलता है।
ख्वाहिशें
रामराज्य
मुस्कान
चलते चलते
दोस्ती
जन्म दिन
ये वक़्त भी ग...
चलना ही जिंदग...
करोना
सुकून
उसने दो वक़्त की रोटी में अपनी छाती साहूकार के पास रख दी उसने दो वक़्त की रोटी में अपनी छाती साहूकार के पास रख दी
ब्रिटिश हुकूमत ने जब हम पर, रोलेट एक्ट लगाया था। ब्रिटिश हुकूमत ने जब हम पर, रोलेट एक्ट लगाया था।
अब आती है हमारी जिम्मेदारी, रखेंगे पूरी सावधानी अब आती है हमारी जिम्मेदारी, रखेंगे पूरी सावधानी
वही सुबह है, वही शाम है और वही दुपहर है। पर शक होता है क्या मेरा अपना वही शहर है।। वही सुबह है, वही शाम है और वही दुपहर है। पर शक होता है क्या मेरा अपना वही शहर...
जान पे खेला रहा जो इधर जाएँ तो जाएँ अब हम किधर ! जान पे खेला रहा जो इधर जाएँ तो जाएँ अब हम किधर !
यह अफ़वाह फैला कर देश का नाम रौशन नहीं देश का नाम डुबो रहे हैं, यह अफ़वाह फैला कर देश का नाम रौशन नहीं देश का नाम डुबो रहे हैं,
चाहतों पे ज़रूरत भारी ख़्वाब में हक़ीक़त हावी सुख-चैन छिन रहा सब। चाहतों पे ज़रूरत भारी ख़्वाब में हक़ीक़त हावी सुख-चैन छिन रहा सब।
संक्रमण श्रृंखला को तोड़ने को, लाक डाउन का किया है विस्तार, तीन मई तक चलेगा यह चरण दूस संक्रमण श्रृंखला को तोड़ने को, लाक डाउन का किया है विस्तार, तीन मई तक चलेगा य...
बड़ी चुनौती बनकर बोलो भारत में क्यों आए हो। बड़ी चुनौती बनकर बोलो भारत में क्यों आए हो।
छोटा आज भी चीखता है तुम्हारे लाश को जलाने के बाद। छोटा आज भी चीखता है तुम्हारे लाश को जलाने के बाद।
जैसे मैंने ख़रीदा और दूल्हा बिका आज बिटिया पराई हुई। जैसे मैंने ख़रीदा और दूल्हा बिका आज बिटिया पराई हुई।
मैं बता ही नहीं सकता कि सुबह ख़ूबसूरत है या शाम मैं बता ही नहीं सकता कि सुबह ख़ूबसूरत है या शाम
और सपना पूरा करना क्या मेरी मंजिल नहीं, कयोंकि मैं एक औरत हूं.....? और सपना पूरा करना क्या मेरी मंजिल नहीं, कयोंकि मैं एक औरत हूं.....?
आजाद हुआ बस लाल किला ग़रीबी तो आज भी गुलाम रही। आजाद हुआ बस लाल किला ग़रीबी तो आज भी गुलाम रही।
औरत कुछ ठान ले तो दुनिया में उसे रोकने की ताकत किसी में नहीं! औरत कुछ ठान ले तो दुनिया में उसे रोकने की ताकत किसी में नहीं!
लेकिन दुनियादारी से वाकिफ उसका जहीन जहन झटक देता है ये ख्याल फौरन मगर उंगलियां.... लेकिन दुनियादारी से वाकिफ उसका जहीन जहन झटक देता है ये ख्याल फौरन ...
मज़दूर तू मज़बूर क्यों है, आज भी संसार में, तू ही रोता बिलखता क्यों, हर आपदा के वार में. मज़दूर तू मज़बूर क्यों है, आज भी संसार में, तू ही रोता बिलखता क्यों, हर आ...
सारे जाती धर्म भुला के, मानवता का पाठ पढ़ा देगी ये जिन्दगी। सारे जाती धर्म भुला के, मानवता का पाठ पढ़ा देगी ये जिन्दगी।
सारे देश में हजारों मर गए अब लाखों का मरना बाकी है सारे देश में हजारों मर गए अब लाखों का मरना बाकी है
गृहबंदी बन धैर्य धारण कर तपस्वी सम संयम रखे गृहबंदी बन धैर्य धारण कर तपस्वी सम संयम रखे