STORYMIRROR

Surya Rao Bomidi

Abstract

4  

Surya Rao Bomidi

Abstract

करोना

करोना

1 min
192

संभल कर चल ए दोस्त

चारों तरफ़ खतरे का बाजार है


मत डर इस महामारी से 

अपने ही हाथ हर हथियार है


मास्क के साथ भौतिक दूरी रख

अन्यथा घर से निकलना दुश्वार है


तू गुजरा तो एक आंकड़ा मात्र है

पर अपनों के लिए तू ही तो संसार है।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract