Surya Rao Bomidi
Abstract
संभल कर चल ए दोस्त
चारों तरफ़ खतरे का बाजार है
मत डर इस महामारी से
अपने ही हाथ हर हथियार है
मास्क के साथ भौतिक दूरी रख
अन्यथा घर से निकलना दुश्वार है
तू गुजरा तो एक आंकड़ा मात्र है
पर अपनों के लिए तू ही तो संसार है।
ख्वाहिशें
रामराज्य
मुस्कान
चलते चलते
दोस्ती
जन्म दिन
ये वक़्त भी ग...
चलना ही जिंदग...
करोना
सुकून
रोटी हो गोल सब्जी हो तीख़ी भिंडी बने करारी कढ़ी में छोंक नपातुला सा जल न जाये ध्यान रखना था वरना ... रोटी हो गोल सब्जी हो तीख़ी भिंडी बने करारी कढ़ी में छोंक नपातुला सा जल न जाये ...
गोबरौलों की संगत में आवारा नन्हें नन्हें कीडे़ देखे हैं उनकी गुलाटी को देखा है उनकी मस्ती को निहा... गोबरौलों की संगत में आवारा नन्हें नन्हें कीडे़ देखे हैं उनकी गुलाटी को देखा है...
हँस-हँसकर अवदान करत बिन प्रतिफल जीवन समूल। हँस-हँसकर अवदान करत बिन प्रतिफल जीवन समूल।
मौन की चीखें शोर भरे सन्नाटे में सुनाई देती है बेनाम सी किलकारीयों में शिकायतें बयां कर जाती हैं मौन की चीखें शोर भरे सन्नाटे में सुनाई देती है बेनाम सी किलकारीयों में शिकायत...
सारा जादू टूटकर बिखर जायेगा जमूरे भाग जायेंगे तम्बू उखड़ जायेगा मेला बैलगाड़ी पर लद जायेगा धरती ... सारा जादू टूटकर बिखर जायेगा जमूरे भाग जायेंगे तम्बू उखड़ जायेगा मेला बैलगाड़ी...
दुर्गा नहीं, काली नहीं, सती-सावित्री, लक्ष्मी नहीं, जो भी हूँ, तेरे सामने, साक्षात खड़ी हूँ मै... दुर्गा नहीं, काली नहीं, सती-सावित्री, लक्ष्मी नहीं, जो भी हूँ, तेरे सामने, ...
सोये कब्रिस्तान के मुर्दों मे भी जोश भर डालूँगा जो कुछ बचा लोहे का चचा भी लड़ने आयेगा ।। सोये कब्रिस्तान के मुर्दों मे भी जोश भर डालूँगा जो कुछ बचा लोहे का चचा भी लड़न...
जिन नजरों से बचना मुनासिब नहीं हुआ उन नजरों का भी एक अलग अंदाज है, अंधकार में खोते सपनों का कुछ... जिन नजरों से बचना मुनासिब नहीं हुआ उन नजरों का भी एक अलग अंदाज है, अंधकार मे...
आओ बचपन में लौट चले, यहां दोस्त थे, सिर्फ दोस्त थे, जो रूठते थे, झगड़ते थे, पर पल भर में मान जाते... आओ बचपन में लौट चले, यहां दोस्त थे, सिर्फ दोस्त थे, जो रूठते थे, झगड़ते थे, प...
ख़ुद ही मिट जायेंगे अपनी ही बनायी नफ़रत की दुनिया में बह जायेंगे वो वक्त के साथ खून की उन्हीं नदियो... ख़ुद ही मिट जायेंगे अपनी ही बनायी नफ़रत की दुनिया में बह जायेंगे वो वक्त के साथ ...
रात रात भर जागकर लोरी गा गोद मे अपनी प्रेम से सुलाती है लालन पालन मे व्यस्त होकर अपनी सुध भी न रह... रात रात भर जागकर लोरी गा गोद मे अपनी प्रेम से सुलाती है लालन पालन मे व्यस्त हो...
क्रोध तो करो लेकिन बैर न रखो। जो कहना है खुल कर कहो। दिल को यूं परेशान न करो। क्रोध तो करो लेकिन बैर न रखो। जो कहना है खुल कर कहो। दिल को यूं परेशान न करो।
हर एक कहानी के भीतर तहज़ीब हज़ारों सालों की संदेश अमन मतवालों का दुनिया को अब सिखलाना है। हर एक कहानी के भीतर तहज़ीब हज़ारों सालों की संदेश अमन मतवालों का दुनिया को अब...
कभी बनाया था हमीं ने अपने जुनूँ से बचपने में काग़ज़ की कश्ती और पेंसिल की नोक से मीनारों,मेहराबो... कभी बनाया था हमीं ने अपने जुनूँ से बचपने में काग़ज़ की कश्ती और पेंसिल की नोक...
इस धुँएँ को नासिका में भर लूँ तो साँसें चले। इस धुँएँ को नासिका में भर लूँ तो साँसें चले।
जिसे गले मे लटकाये मैं घूम रही थी अभी तक गजब का असर दिखा इस तमगे़ को उतारते ही मेरी गर्दन जो बोझ... जिसे गले मे लटकाये मैं घूम रही थी अभी तक गजब का असर दिखा इस तमगे़ को उतारते ह...
हर सूरत पे लगे शाद मुखौटे पे खिली। इक मुस्कान में भी कितने अलम देख लिए।। हर सूरत पे लगे शाद मुखौटे पे खिली। इक मुस्कान में भी कितने अलम देख लिए।।
आओ हम सब मिल जुल कर l अब अच्छा कदम बढ़ाते हैं ll दहेज नाम को ही हम सब l जड़ से खत्म कराते हैं ll आओ हम सब मिल जुल कर l अब अच्छा कदम बढ़ाते हैं ll दहेज नाम को ही हम सब l जड़ से...
चोर से चोरी क्या करना, वो खुद अपनी मजबूरी से मजबूर है थोड़ा। आने वाले वक्त से समय क्या पूछना, वो ... चोर से चोरी क्या करना, वो खुद अपनी मजबूरी से मजबूर है थोड़ा। आने वाले वक्त से ...
सोचती हूँ में भी तेरी गली आऊं , मीरा की तरह नाचूं और गाऊं , बीचमें आ जाता है कोई न कोई, सोचकर य... सोचती हूँ में भी तेरी गली आऊं , मीरा की तरह नाचूं और गाऊं , बीचमें आ जाता है...