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Sunoti Haldar

Classics

4.5  

Sunoti Haldar

Classics

बेशक तेरी जिंदगी में आज बदलाव दिख रहा हैं। पर तेरी बातों में आज भी एक घाव द

बेशक तेरी जिंदगी में आज बदलाव दिख रहा हैं। पर तेरी बातों में आज भी एक घाव द

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बेशक तेरी जिंदगी में आज बदलाव दिख रहा हैं।

पर तेरी बातों में आज भी एक घाव दिख रहा हैं…


लाख दावे कर रहें हो तुम उसे भुला देने के

पर तेरी आँखों में उसके लिए लगाव दिख रहा हैं..

सच जानती है दुनिया फिर भी छुपा रहे हो ,

जाने किसका ये तुम पर दबाव दिख रहा हैं…


तुम कहते हो की खुश हो बगैर उसके जिंदगी में

फिर ये चेहरे पर तुम्हारे कैसा तनाव दिख रहा हैं..


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