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Sunoti Haldar

Classics

3  

Sunoti Haldar

Classics

मंजिल मिले ना मिले

मंजिल मिले ना मिले

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मंजिल मिले ना मिले

ये तो मुकदर की बात है!

हम कोशिश भी ना करे

ये तो गलत बात है…


जिन्दगी जख्मों से भरी है,

वक्त को मरहम बनाना सीख लो,

हारना तो है एक दिन मौत से,

फिलहाल जिन्दगी जीना सीख लो !


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