Sunoti Haldar
Classics
मंजिल मिले ना मिले
ये तो मुकदर की बात है!
हम कोशिश भी ना करे
ये तो गलत बात है…
जिन्दगी जख्मों से भरी है,
वक्त को मरहम बनाना सीख लो,
हारना तो है एक दिन मौत से,
फिलहाल जिन्दगी जीना सीख लो !
बेशक तेरी जिं...
मंजिल मिले ना...
न चादर बड़ी क...
तुम दूर ही सह...
गुजर रही है उ...
कोई अपना अपना...
लोग क्या कहें...
जिंदगी है चार...
बड़ी मुश्किल ह...
कृ पर, लोभ ना, डॉलर का दिखाएं, सच्चा मित्र वही कहलाए। कृ पर, लोभ ना, डॉलर का दिखाएं, सच्चा मित्र वही कहलाए।
हमें खोने के बाद। दुआ हमारी है खुश रहो काँच के रिश्तों के साथ।। हमें खोने के बाद। दुआ हमारी है खुश रहो काँच के रिश्तों के साथ।।
निभा रहे हैं ... उन्हें समस्त देशवासियों का वंदन है ! निभा रहे हैं ... उन्हें समस्त देशवासियों का वंदन है !
हँसते हुए करते हैं गुणगान जय हिंद का। हँसते हुए करते हैं गुणगान जय हिंद का।
यही है सबकी जिम्मेदारी करो अब इसमें भागीदारी। यही है सबकी जिम्मेदारी करो अब इसमें भागीदारी।
नाम तो खूब किया है लोगों की भीड़ में रहकर पर अपनों में बदनाम होकर रह पाओगे कैसे। नाम तो खूब किया है लोगों की भीड़ में रहकर पर अपनों में बदनाम होकर रह पा...
प्यार से आते पास सभी एक बार प्यार से इनको अपने गले लगाकर तो देखो। प्यार से आते पास सभी एक बार प्यार से इनको अपने गले लगाकर तो देखो।
यूसुफकल्ली ओपी वही स्थान। वह कीट समाज। यूसुफकल्ली ओपी वही स्थान। वह कीट समाज।
हाथ ना पकड़ा तो चलू कियूं समझौते अक्सर दर्द देता है...... हाथ ना पकड़ा तो चलू कियूं समझौते अक्सर दर्द देता है......
पिताजी की सीख हमारा आत्म विश्वास बढ़ाती थी। काश ! आज की पीढ़ी जिंदगी का वो स्वाद चख पा पिताजी की सीख हमारा आत्म विश्वास बढ़ाती थी। काश ! आज की पीढ़ी जिंदगी का वो स्...
माँ करुणा दया की मूर्ति है, सारे जग में उनकी कीर्ति है। माँ करुणा दया की मूर्ति है, सारे जग में उनकी कीर्ति है।
बुढ़ापे में दोनों से बिछड़ने का भाव एकमेव उपाय आज में जीने का स्वभाव।। बुढ़ापे में दोनों से बिछड़ने का भाव एकमेव उपाय आज में जीने का स्वभाव।।
तुम प्रकृति सम शील ..तुम बहुत महान ही तुम सृष्टि सम सृजनशील ...तुम शीलवान हो तुम प्रकृति सम शील ..तुम बहुत महान ही तुम सृष्टि सम सृजनशील ...तुम शीलवान हो
पतली रोटी खाने का स्वाद होता बड़ा निराला दाल सब्जी संग चाव से खाते लोग निवाला। पतली रोटी खाने का स्वाद होता बड़ा निराला दाल सब्जी संग चाव से खाते लोग निवाला...
रंजो ग़म की स्याही में शायद न यूं हम बह पाते। रंजो ग़म की स्याही में शायद न यूं हम बह पाते।
मेरे हमनवां ज्योत को बस इक तेरा साथ चाहिए इक तेरा साथ चाहिए। मेरे हमनवां ज्योत को बस इक तेरा साथ चाहिए इक तेरा साथ चाहिए।
चिड़िया रानी चिड़िया रानी तुम हो पेड़ों की महारानी। चिड़िया रानी चिड़िया रानी तुम हो पेड़ों की महारानी।
ऐ आसमाँ तुझे देख हों जाती हैं अक्सर मेरी आँखें नम पर हर आँसू में छिपी जीने की एक आस ऐ आसमाँ तुझे देख हों जाती हैं अक्सर मेरी आँखें नम पर हर आँसू में छिपी जीने ...
सुरमई शाम फिर ढलेगी किसी के नाम गर सलामत रहे। सुरमई शाम फिर ढलेगी किसी के नाम गर सलामत रहे।
जिसने हर त्योहार, हर पल, खुद जल कर उजाला दिया है। जिसने हर त्योहार, हर पल, खुद जल कर उजाला दिया है।