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प्रीति शर्मा "पूर्णिमा

Tragedy Others

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प्रीति शर्मा "पूर्णिमा

Tragedy Others

बेरोजगार

बेरोजगार

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वह रोज घुसता है घर में 

मुर्दा जिस्म की तरह।

उसकी यही नियति है

क्योंकि वह बेरोजगार है


किसको जिम्मेदार कहोगे ? 

मां बाप के ऊंचे सपनों को

जो कर ना सके वो पूरा

स्वयं परिस्थितियोंवश 

और चाह रहे जी लें बच्चे 

उनका सपना ?


किसको जिम्मेदार कहोगे ? 

बच्चों के हाई-फाई ख्वाब

पर कर नहीं पाते पूरा

निष्ठा लगन और जतन से

या भौतिकता की होड़ में 


चाहिये सब ऊंचा अच्छा 

महत्वाकांक्षाओं की चपेट में 

हिकारत से देखते छोटी नौकरी

छोटे उद्योग या छोटा काम। 


किसको जिम्मेदार कहोगे? 

सरकार की शिक्षा नीति

जो नहीं खरी उतरी व्यवहार में। 

बना नहीं पाई सबल

रोजगार के अनूरूप सारमय। 


खो गई व्यावसायिकता

की अन्धी दौड़ में। 

या फिर शिक्षक जो कहीं

योग्य नहीं थे तो कहीं योग्य

समझे नहीं गये,नहीं सिखा पाए 

शिक्षा के सही मापदंड? 


किसको जिम्मेदार कहोगे? 

या फिर जहर आरक्षण का है। 

बढा रहा संताप बेरोजगार का है। 

योग्य योग्य भी धक्के पाते। 

और अयोग्य मलाई खाते हैं। 

खुद रही खाई समाज में गहरी है

डूब रही अवसाद देश की युवा पीढ़ी है


किसको जिम्मेदार कहोगे ?

किस किसको जिम्मेदार कहोगे ?

हम सब, हमारी व्यवस्था,हमारा समाज,

आज दुख के साथ कह सकते हैं कि

कुछ हद तक हमारा संविधान भी ?


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