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Swapna Sadhankar

Romance Tragedy

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Swapna Sadhankar

Romance Tragedy

बेहिसाब बेइंतहा

बेहिसाब बेइंतहा

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आपको देख के

हमराज़ ऐसा लगा

न भरेंगे दिल के

चुभीले ज़ख्म कभी

क्यों हो गई है

हम से ये ख़ता

आपसे जो बेइंतहा

मोहब्बत कर ली.


दुश्मन भी न दे

ऐसी ज़ालिम सजा

आपने दिया है

ये संगदिल सिला

आपको क्या कद्र

बेहिसाब प्यार की

हम जो तड़पते रहे

यूं ही चाहत में.


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