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Sunil Kumar

Abstract

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Sunil Kumar

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बदलती हवाओं का इशारा

बदलती हवाओं का इशारा

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बदलती हवाओं का है ये इशारा 

बदला है मौसम बदला है नजारा 

कुछ और नहीं है ये यारों 

हमारे ही कर्मों का है फल सारा 

बदलती हवाओं का है ये इशारा।


कल तक स्वच्छंद घूमने वाला इंसान

आज बंद घरों में कर रहा है गुजारा 

बदलती हवाओं का है ये इशारा 

बदला है मौसम बदला है नजारा।


वही तुम हो वही हम हैं यारों

पर बदला-बदला है हर नजारा 

बदलती हवाओं का है ये इशारा 

बदला है मौसम बदला है नजारा।


अपने हसीन आज पर 

कभी गुरूर मत करना प्यारे, क्योंकि

बेवक्त बदलता है मौसम और नजारा 

बदलती हवाओं का है ये इशारा।



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